Meaning of

तमा'म

tama'am • تمام

पूर्ण; सम्पूर्ण; पूरा

complete; entire; whole

مکمل; پورا; سارا

Arabic

मैं तमाम दिन का थका हुआ तू तमाम शब का जगा हुआ
ज़रा ठहर जा इसी मोड़ पर तेरे साथ शाम गुज़ार लूँ

59

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मैं ज़िन्दगी में आज पहली बार घर नहीं गया
मगर तमाम रात दिल से माँ का डर नहीं गया

बस एक दुख जो मेरे दिल से उम्र भर न जाएगा
उस को किसी के साथ देख कर मैं मर नहीं गया

173

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उस के होंटों पे रख के होंट अपने
बात ही हम तमाम कर रहे हैं

129

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इक रोज़ खेल खेल में हम उस के हो गए
और फिर तमाम उम्र किसी के नहीं हुए

87

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मिरी ग़ज़ल की तरह उस की भी हुकूमत है
तमाम मुल्क में वो सब से ख़ूब-सूरत है

बहुत दिनों से मिरे साथ थी मगर कल शाम
मुझे पता चला वो कितनी ख़ूब-सूरत है

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उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया
देखा इस बीमारी-ए-दिल ने आख़िर काम तमाम किया

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देखा है ज़िन्दगी को कुछ इतने क़रीब से
चेहरे तमाम लगने लगे हैं अजीब से

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मैं तो सफों के दरमियाँ कब से पड़ा हूँ नीम जाँ,
मेरे तमाम जाँ निसार मेरे लिए तो मर गए

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मैं सुन रहा हूँ फ़ोन पे ख़ामोशियाँ तेरी
मैं जानता हूँ आज से क्या क्या तमाम है

62

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आख़िर को हँस पड़ेंगे किसी एक बात पर
रोना तमाम उम्र का बे-कार जाएगा

61

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मैं तमाम दिन का थका हुआ तू तमाम शब का जगा हुआ
ज़रा ठहर जा इसी मोड़ पर तेरे साथ शाम गुज़ार लूँ

59

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मैं ज़िन्दगी में आज पहली बार घर नहीं गया
मगर तमाम रात दिल से माँ का डर नहीं गया

बस एक दुख जो मेरे दिल से उम्र भर न जाएगा
उस को किसी के साथ देख कर मैं मर नहीं गया

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अपने मूल अर्थ में, 'तमा'म' पूर्णता और संपूर्णता का भाव देता है। कविता में, यह शब्द अक्सर अनुभव या भावना की पूर्णता और संतोष को व्यक्त करता है।

'तमा'म' का उपयोग कवि सर्वग्राही प्रेम या अखंड यात्रा के भाव को जगाने के लिए करते हैं। यह विखंडन या अपूर्णता के विपरीत भी हो सकता है, जो एकता की सुंदरता को उजागर करता है।

कविता में, 'तमा'म' संपूर्णता की शांत सुंदरता को समेटे हुए है, जो पूर्णता में सामंजस्य की कोमल याद दिलाता है।