Meaning of

तज़ुर्बा

tazurba • تجربہ

अनुभव; प्रयोग

experience; experiment

تجربہ; تجربہ

Arabic

तजुर्बा ये भी कहता है के थोड़ा सब्र तो रक्खो
मोहब्बत और मंजिल मिलने में कुछ वक़्त लगता है

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तज़ुर्बा ये हुआ है ज़िन्दगी में
न होता कोई अपना मुफ़लिसी में

ज़बाँ ज़ख़्मों को मेरे मिल गई है
उन्हें शामिल किया जब शा'इरी में

ग़ज़ब का दिल बनाया है ख़ुदा ने
छलक पड़ते हैं आँसू भी ख़ुशी में

ख़ुशी का एक लम्हा कीमती है
हज़ारों ग़म हैं लेकिन ज़िन्दगी में

बुरा हूँ मैं मुझे अच्छा कहा है
शराबी ने यक़ीनन बेख़ुदी में

मुझे हँसता हुआ देखा तो कहते वो
कोई तो बात है इस आदमी में

मेरे रब मुझ को ये तौफ़ीक़ दे दे
रहूँ हँसता सदा ग़म और ख़ुशी में

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मैं अकेला हूँ मगर खूब तजुर्बा है मुझे
कारवां दूर तलक कैसे खींचना है मुझे

मैं हमेशा से ही देता रहा तवज्जोह तुझे
ग़ौर से तू ही कहाँ यार देखता है मुझे

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मुमकिन नहीं हर वक़्त मेहरबान रहे ज़िंदगी
कुछ लम्हें जीने का तजुर्बा भी सिखाते हैं

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पास मेरे जो है वो तजुर्बा है बस
और क्या चाहिए शा'इरी के लिए

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ज़िंदगी का तजुर्बा पूरा नहीं हुआ
तू ने जो देखा है पूरा नहीं देखा

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तजुर्बा है यहाँ हर एक के पास
तजुर्बा पर सभी का ही अलग है

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मेरा दिल तुम शौक़ से तोड़ो एक तजुर्बा और सही
जलता दीपक आके बुझा दो दिल में अँधेरा और सही

भीड़ में तन्हा रहता हूँ मैं मंज़र आ कर देख लो ये
लाख तमाशे देखे होंगे एक तमाशा और सही

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मिरा अपना तजुर्बा है, तजुर्बे से बताता हूँ
किसी इंसान की आदत भी होना है बुरी आदत

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खिलाड़ी देवकीनंदन के जैसा सामने हो तो
तजुर्बा लाख हो शकुनी भी चौसर हार जाते हैं

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तजुर्बा ये भी कहता है के थोड़ा सब्र तो रक्खो
मोहब्बत और मंजिल मिलने में कुछ वक़्त लगता है

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तज़ुर्बा ये हुआ है ज़िन्दगी में
न होता कोई अपना मुफ़लिसी में

ज़बाँ ज़ख़्मों को मेरे मिल गई है
उन्हें शामिल किया जब शा'इरी में

ग़ज़ब का दिल बनाया है ख़ुदा ने
छलक पड़ते हैं आँसू भी ख़ुशी में

ख़ुशी का एक लम्हा कीमती है
हज़ारों ग़म हैं लेकिन ज़िन्दगी में

बुरा हूँ मैं मुझे अच्छा कहा है
शराबी ने यक़ीनन बेख़ुदी में

मुझे हँसता हुआ देखा तो कहते वो
कोई तो बात है इस आदमी में

मेरे रब मुझ को ये तौफ़ीक़ दे दे
रहूँ हँसता सदा ग़म और ख़ुशी में

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'तज़ुर्बा' शब्द अनुभव की समृद्धि को समेटे हुए है। यह जीवन की परीक्षाओं और प्रयोगों के माध्यम से प्राप्त ज्ञान को व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर समझ की गहराई और जीवन की यात्रा से सीखे गए सबक का प्रतीक होता है।

कवि 'तज़ुर्बा' का उपयोग व्यक्तिगत यात्राओं से प्राप्त गहन अंतर्दृष्टि को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे अक्सर मासूमियत या भोलेपन के विपरीत रखा जाता है, जीए गए अनुभवों के मूल्य को उजागर करते हुए।

जीवन की गाथा में, 'तज़ुर्बा' ज्ञान के धागों को बुनता है। यह हमें याद दिलाता है कि हर अनुभव एक शिक्षक है।