Meaning of

ज़ात-ए-किब्रिया

zaat-e-kibriya • ذات کبریا

महानता का सार; दिव्य प्रकृति

essence of greatness; divine nature

عظمت کی ذات; الہی فطرت

Arabic

'ज़ात-ए-किब्रिया' वाक्यांश दिव्यता की भव्यता और महिमा को उजागर करता है। यह उस सार की बात करता है जो मानव समझ से परे है, एक उपस्थिति जो विस्मयकारी और विनम्र करने वाली है। कविता में, यह अक्सर परम सत्य या अस्तित्व के सर्वोच्च रूप का प्रतिनिधित्व करता है।

कवि 'ज़ात-ए-किब्रिया' का उपयोग अंतिम, अप्राप्य सत्य की अवधारणा को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर मानव दुर्बलता और सीमाओं के विपरीत होता है। यह वाक्यांश आध्यात्मिक लालसा या दिव्यता को समझने की खोज की भावना को जागृत कर सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'ज़ात-ए-किब्रिया' दिव्य रहस्य और महिमा के प्रतीक के रूप में खड़ा है। यह अनंत के चिंतन के लिए आमंत्रित करता है।