Meaning of

ज़ख़्म-ए-निगाह

zakham-e-nigaah • زخم نگاہ

नज़र का घाव; भावनात्मक चोट

wound of the gaze; emotional scar

نگاہ کا زخم; جذباتی چوٹ

Persian

यह वाक्यांश एक ऐसी नज़र की कल्पना करता है जो इतनी तीव्र होती है कि वह निशान छोड़ देती है, त्वचा पर नहीं बल्कि आत्मा पर। कविता में, यह घाव अक्सर प्रेम या लालसा द्वारा छोड़े गए गहरे, अदृश्य निशानों का रूपक होता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग अप्राप्त प्रेम के मौन दर्द को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह उन अदृश्य घावों की बात करता है जो गहराई से महसूस किए जाते हैं लेकिन शायद ही कभी देखे जाते हैं। दृश्य और अदृश्य के बीच का विरोधाभास एक सामान्य विषय है।

कविता की दुनिया में, नज़र एक हथियार बन जाती है, और उसके घाव दिल की गहरी इच्छाओं की मौन गवाही होते हैं।