Meaning of
ज़लील-ओ-ख़्वार
zaleel-o-khwaar • ذلیل و خوار
Hindi
अपमानित और बदनाम; नीचा दिखाया गया
English
humiliated and disgraced; abased
Urdu
ذلیل و خوار; پست کیا گیا
Origin
Arabic
Nuance
यह वाक्यांश गहरे शर्म और अपमान की भावना को व्यक्त करता है, अक्सर किसी ऐसे व्यक्ति का वर्णन करने के लिए उपयोग किया जाता है जो सम्मान से गिर गया हो। कविता में, यह गरिमा खोने के भावनात्मक उथल-पुथल और ऐसे पतन के साथ आने वाले सामाजिक निर्णय को दर्शाता है।
Poetic Usage
कवि इस वाक्यांश का उपयोग अपमान और सम्मान खोने के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह विश्वासघात, सामाजिक पतन, या व्यक्तिगत विफलता के बारे में छंदों में पाया जा सकता है, जहाँ अपमान का भार गहराई से महसूस किया जाता है।
Closing Insight
कविता के क्षेत्र में, 'ज़लील-ओ-ख़्वार' मानव स्थिति की भेद्यता और समाज के कठोर निर्णय को दर्शाता है। यह सम्मान की नाजुकता की याद दिलाता है।