Meaning of

ज़ंजीर-ए-अलम

zanjeer-e-alam • زنجیر الم

दुःख की ज़ंजीर; पीड़ा का बंधन

chain of sorrow; bond of grief

غم کی زنجیر; دکھ کا بندھن

Persian

यह वाक्यांश दुःख को एक बंधनकारी शक्ति के रूप में दर्शाता है, एक ऐसी ज़ंजीर जो व्यक्ति को कैद में रखती है। कविता में, यह अक्सर उन भावनात्मक बोझों का प्रतीक होता है जिन्हें छोड़ना कठिन होता है।

कवि इसका उपयोग दुःख की अटल प्रकृति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह व्यक्तिगत और सामूहिक दुःख की परस्परता को भी उजागर कर सकता है। अक्सर मुक्ति या स्वतंत्रता के विपरीत होता है।

कविता में, ज़ंजीर-ए-अलम हृदय को बांधने वाली ज़ंजीरों के लिए एक गहन रूपक बन जाता है।