Meaning of

ज़र-ए-ख़्वाब

zar-e-khwaab • زر خواب

सपनों का सोना; सपनों की दौलत

gold of dreams; wealth of dreams

خوابوں کا سونا; خوابوں کی دولت

Persian

'ज़र-ए-ख़्वाब' अपने मूल में सपनों को सोने की तरह कीमती बताता है। कविता में, यह वाक्यांश सपनों की क्षणभंगुर सुंदरता और उनकी अप्राप्य मोहकता को दर्शाता है, उन्हें ऐसे खजाने के रूप में प्रस्तुत करता है जो चाहा तो जाता है पर पाया नहीं जाता।

'ज़र-ए-ख़्वाब' का उपयोग कवि अक्सर कठोर वास्तविकताओं के विपरीत सपनों के मूल्य को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह कल्पना की समृद्धि और आदर्शों की खोज का प्रतीक है। यह इच्छाओं की क्षणभंगुर प्रकृति को भी दर्शा सकता है।

कविता की दुनिया में, 'ज़र-ए-ख़्वाब' सपनों के स्थायी आकर्षण का प्रमाण है। यह हमें उन चीज़ों पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है जिन्हें हम प्रिय मानते हैं पर पकड़ नहीं सकते।