Meaning of
ज़र्बुल-मसल
zarbul-masl • ضرب المثل
Hindi
कहावत; मुहावरा
English
proverb; saying
Urdu
کہاوت; محاورہ
Origin
Arabic
Nuance
'ज़र्बुल-मसल' का मूल अर्थ एक कहावत या मुहावरा है जो ज्ञान या सत्य को समेटे हुए होता है। कविता में, यह अक्सर सांस्कृतिक और नैतिक चिंतन का माध्यम बनता है, समाज के मानदंडों और मानव व्यवहार का प्रतिबिंब प्रस्तुत करता है।
Poetic Usage
कवि 'ज़र्बुल-मसल' का उपयोग सामूहिक ज्ञान को जागृत करने के लिए करते हैं। यह विडंबना को उजागर कर सकता है या नैतिक पाठ को बल दे सकता है। यह अक्सर व्यक्तिगत अनुभवों के साथ विरोधाभास करता है, सार्वभौमिक और व्यक्तिगत के बीच संवाद स्थापित करता है।
Closing Insight
कविता में, 'ज़र्बुल-मसल' शाश्वत और क्षणिक के बीच एक पुल बन जाता है, साझा मानव सत्य की एक फुसफुसाहट।