Meaning of

ज़ौख

zaukh • ذوق

स्वाद; रुचि; जुनून

taste; inclination; passion

ذائقہ; رغبت; جنون

Arabic

कहाँ हम सेे दुआ होगी कहाँ नौहे पढ़ूँगा अब
तुम्हें सब माँग लेंगे हम खड़े मेहराब देखेंगे

2

Download Image

इश्क़ का ज़ौक़-ए-नज़ारा मुफ़्त में बदनाम है
हुस्न ख़ुद बे-ताब है जल्वा दिखाने के लिए

39

Download Image

हसीन इतनी है तू ज़ौक़-ए-नज़र तो बन गया हूँ मैं
मगर दिल की कियारी में नया कुछ बो नहीं सकता

31

Download Image

ऐ शौक़-ए-नज़ारा क्या कहिए नज़रों में कोई सूरत ही नहीं
ऐ ज़ौक़-ए-तसव्वुर क्या कीजे हम सूरत-ए-जानाँ भूल गए

28

Download Image

सफ़र के बा'द भी ज़ौक़-ए-सफ़र न रह जाए
ख़याल ओ ख़्वाब में अब के भी घर न रह जाए

22

Download Image

अब कोई मुझ सेे ग़ज़ल होगी नहीं
जौक़, दानाई, क़लम, सब कुछ ख़तम

9

Download Image

ग़ुलामी में न काम आती हैं शमशीरें न तदबीरें
जो हो ज़ौक़-ए-यक़ीं पैदा तो कट जाती हैं ज़ंजीरें

9

Download Image

हर इक मक़ाम से आगे मक़ाम है तेरा
हयात ज़ौक़-ए-सफ़र के सिवा कुछ और नहीं

6

Download Image

मीर, ग़ालिब, ज़ौक़, मोमिन, दाग़ पढ़ कर थक गए
काश के तुम बैठ कर ख़ुद को भी पढ़ लेते कभी

4

Download Image

ज़ौक़ से जो पूछते दीवाने हो?
शौक़ से फिर हम भी कहते, आप के

3

Download Image

कहाँ हम सेे दुआ होगी कहाँ नौहे पढ़ूँगा अब
तुम्हें सब माँग लेंगे हम खड़े मेहराब देखेंगे

2

Download Image

इश्क़ का ज़ौक़-ए-नज़ारा मुफ़्त में बदनाम है
हुस्न ख़ुद बे-ताब है जल्वा दिखाने के लिए

39

Download Image

'ज़ौख' शब्द एक परिष्कृत स्वाद और गहरे जुनून की भावना को जागृत करता है। अपने मूल अर्थ में, यह सुंदरता और कला की सराहना करने की क्षमता को संदर्भित करता है। समय के साथ, कविता ने इस शब्द को सौंदर्य और उदात्त के प्रति गहरी रुचि व्यक्त करने के लिए अपनाया है।

कवि अक्सर 'ज़ौख' का उपयोग एक चरित्र की परिष्कृत संवेदनाओं को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे कला और सुंदरता के प्रति व्यक्ति की गहरी सराहना का वर्णन करने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह शब्द साधारण या सतही स्वाद के विपरीत, दुनिया के साथ एक गहरे संबंध को उजागर करता है।

'ज़ौख' आत्मा की सुंदरता की लालसा का प्रमाण है। यह उदात्त की खोज में जीने वाले जीवन के सार को पकड़ता है।