Meaning of
ज़ौक़-ए-मआसी
zauq-e-maasi • ذوق معاصی
Hindi
पापों में आनंद; उल्लंघनों में प्रसन्नता
English
pleasure in sins; delight in transgressions
Urdu
گناہوں میں لذت; خلاف ورزیوں میں خوشی
Origin
Arabic
Nuance
यह वाक्यांश वर्जित कार्यों में लिप्त होने के विरोधाभासी आकर्षण को दर्शाता है। कविता में, यह नैतिक प्रतिबंधों और बुराई के मोहक खिंचाव के बीच के तनाव को उजागर करता है, जो एक गहरे मानवीय संघर्ष को दर्शाता है।
Poetic Usage
कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग प्रलोभन और नैतिक अस्पष्टता के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह एक चरित्र के आंतरिक संघर्ष को उजागर कर सकता है जो धार्मिकता और इच्छा के बीच फटा हुआ है।
Closing Insight
कविता में, ज़ौक़-ए-मआसी सद्गुण और बुराई के जटिल नृत्य को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है।