Meaning of

ज़ौक़-ए-नज़्ज़ारा

zauq-e-nazzaara • ذوق نظارہ

देखने का आनंद; दृष्टि का सुख

pleasure of viewing; joy of sight

دیکھنے کا لطف; نظر کا خوشی

Persian

'ज़ौक़-ए-नज़्ज़ारा' मूल रूप से उस आनंद को दर्शाता है जो किसी सुंदर या विस्मयकारी दृश्य को देखने पर होता है। कविता में, यह शब्द देखने के साधारण कार्य से परे जाकर, देखने वाले को देखे गए के साथ एक गहरी संगति में आमंत्रित करता है, जहां हृदय और मस्तिष्क समान रूप से संलग्न होते हैं।

'ज़ौक़-ए-नज़्ज़ारा' का उपयोग कवि अक्सर प्रकृति की सुंदरता में पाए जाने वाले गहरे आनंद को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह आत्मा की आंतरिक दृष्टि को भी प्रतिबिंबित कर सकता है, जहां बाहरी दुनिया आंतरिक भावनाओं का प्रतिबिंब होती है।

कविता में, 'ज़ौक़-ए-नज़्ज़ारा' उस सुंदरता की कोमल याद दिलाता है जो दुनिया और हमारे भीतर निहित है।