Meaning of
ज़ौक-ए-नियाज़
zauq-e-niyaaz • ذوق نیاز
Hindi
विनम्रता का स्वाद; भक्ति की इच्छा
English
taste for humility; desire for devotion
Urdu
عاجزی کا ذوق; عقیدت کی خواہش
Origin
Persian
Nuance
यह वाक्यांश विनम्रता और भक्ति की गहरी लालसा को व्यक्त करता है, जो केवल कर्तव्य से परे है। कविता में, यह स्वयं को किसी उच्च शक्ति या प्रिय के प्रति समर्पित करने के सार को पकड़ता है, जहाँ भक्ति का कार्य आनंद और संतोष का स्रोत बन जाता है।
Poetic Usage
कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग आध्यात्मिक लालसा और निःस्वार्थता में पाए जाने वाले सौंदर्य की खोज के लिए करते हैं। यह गर्व और अहंकार के विपरीत है, भक्ति में इरादे की पवित्रता को उजागर करता है।
Closing Insight
ज़ौक-ए-नियाज़ विनम्रता और भक्ति की शांत सुंदरता को समेटे हुए है, आत्मा को समर्पण में शांति पाने के लिए आमंत्रित करता है।