Meaning of
ज़ौक़-ए-सज्दा
zauq-e-sajda • ذوق سجدہ
Hindi
सजदे का आनंद; समर्पण में खुशी
English
pleasure of prostration; joy in submission
Urdu
سجدے کا لطف; اطاعت میں خوشی
Origin
Arabic
Nuance
यह वाक्यांश सजदे के कार्य में गहरी आध्यात्मिक खुशी को दर्शाता है, जो गहन विनम्रता और दिव्य से जुड़ाव का क्षण होता है। कविता में, यह अक्सर प्रेम या उच्च शक्ति के प्रति समर्पण का प्रतीक होता है, जहाँ झुकने का कार्य आंतरिक शांति और संतोष का अभिव्यक्ति बन जाता है।
Poetic Usage
कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग समर्पण में पाई जाने वाली शांति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह सांसारिक इच्छाओं की उथल-पुथल के विपरीत हो सकता है, आध्यात्मिक भक्ति में शांति को उजागर करता है।
Closing Insight
सजदे की शांति में, कवि अपने भीतर ब्रह्मांड को पाता है।