Meaning of

ज़वाल-ए-दिलबरी

zawaal-e-dilbari • زوال دلبری

आकर्षण का पतन; फीकी पड़ती मोहकता

decline of charm; fading allure

دلکشی کا زوال; ماند پڑتی کشش

Persian

ज़वाल-ए-दिलबरी उस मार्मिक क्षण को पकड़ता है जब आकर्षण कम होने लगता है, जब वह मोहकता जो कभी मोहित करती थी, फीकी पड़ने लगती है। मूल रूप से, यह सुंदरता या आकर्षण के पतन को दर्शाता है। कविता में, यह शब्द समय के अपरिहार्य प्रवाह और सभी सुंदर चीजों के क्षणिक स्वभाव को दर्शाने के लिए गहराई में जाता है।

कवि 'ज़वाल-ए-दिलबरी' का उपयोग उम्र बढ़ने, हानि, और यादों की खट्टे-मीठे स्वभाव के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर उन छंदों में प्रकट होता है जो युवावस्था के बीतने या कभी जीवंत प्रेम के फीके पड़ने का शोक मनाते हैं।

'ज़वाल-ए-दिलबरी' में, कोई जीवन की अस्थिरता की याद पाता है, क्षणभंगुर पलों को संजोने के लिए एक कोमल धक्का।