Meaning of

ज़वाल-ए-शब

zawal-e-shab • زوال شب

रात का अंत; अंधकार का पतन

end of night; decline of darkness

رات کا اختتام; تاریکی کا زوال

Persian

यह वाक्यांश रात से सुबह की ओर संक्रमण को दर्शाता है, जो आशा और नवीनीकरण का प्रतीक है। कविता में, यह अक्सर कठिन समय के अंत, दुःख के कम होने, या एक नई शुरुआत के वादे का प्रतिनिधित्व करता है।

कवि इसका उपयोग भावनात्मक उथल-पुथल के अंत को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह निरंतर रात के विपरीत है, जो स्पष्टता और शांति की ओर बदलाव का प्रतीक है।

ज़वाल-ए-शब निराशा और आशा के बीच के नाजुक संतुलन को पकड़ता है, जो कविता में एक शाश्वत विषय है।