Meaning of

ज़ेब-ए-बज़्म-ए-ग़ैर

zeb-e-bazm-e-ghair • زیب بزم غیر

दूसरों की सभा की शोभा; पराई महफ़िल की सजावट

adornment of another's gathering; embellishment of a foreign assembly

دوسروں کی محفل کی زینت; غیر کی محفل کی آرائش

Persian

यह वाक्यांश एक बाहरी व्यक्ति की मधुर सुंदरता का सुझाव देता है जो एक सभा की शोभा बढ़ाता है लेकिन वास्तव में उसका हिस्सा नहीं होता। यह प्रिय होने के बावजूद दूर रहने के विरोधाभास को पकड़ता है।

कवि 'ज़ेब-ए-बज़्म-ए-ग़ैर' का उपयोग अलगाव और अपनापन के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर उन संदर्भों में प्रकट होता है जहाँ वक्ता सम्मानित और अलग-थलग महसूस करता है।

कविता में, 'ज़ेब-ए-बज़्म-ए-ग़ैर' एक पराए आकाश में एक अकेले तारे की शान को समेटे हुए है।