Meaning of
ज़िक्र-ए-अज़ाब-ओ-सवाब
zikr-e-azaab-o-sawaab • ذکر عذاب و ثواب
Hindi
दंड और पुरस्कार का उल्लेख
English
mention of punishment and reward
Urdu
عذاب و ثواب کا ذکر
Origin
Arabic
Nuance
'ज़िक्र-ए-अज़ाब-ओ-सवाब' मानव कार्यों के नैतिक और नैतिक आयामों में गहराई से उतरता है। कविता में, यह परिणाम की द्वैतता का पता लगाता है, न्याय और दया के बीच संतुलन और धार्मिकता की अनंत खोज पर विचार करता है।
Poetic Usage
कवि 'ज़िक्र-ए-अज़ाब-ओ-सवाब' का उपयोग कार्यों के नैतिक निहितार्थों पर विचार करने के लिए करते हैं। यह न्याय के ब्रह्मांडीय तराजू की याद दिलाता है, सद्गुण और अवगुण के मार्गों पर विचार करने का आग्रह करता है।
Closing Insight
अपने सार में, 'ज़िक्र-ए-अज़ाब-ओ-सवाब' जीवन के नैतिक ताने-बाने पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।