Meaning of

ज़िक्र-ए-हक़

zikr-e-haq • ذکر حق

सत्य का स्मरण; दिव्य का आह्वान

remembrance of truth; invocation of the divine

حق کا ذکر; الٰہی کا ذکر

Arabic

'ज़िक्र-ए-हक़' वाक्यांश परम सत्य या दिव्य उपस्थिति को याद करने या आह्वान करने की क्रिया को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर एक आध्यात्मिक यात्रा या ज्ञान की खोज का प्रतीक होता है।

कवि 'ज़िक्र-ए-हक़' का उपयोग आध्यात्मिकता और सत्य की अनंत खोज के विषयों में गहराई से उतरने के लिए करते हैं। यह सांसारिक विकर्षणों के विपरीत है, आत्मा की शुद्धता की लालसा को उजागर करता है।

कविता में, 'ज़िक्र-ए-हक़' सत्य और दिव्य संबंध के लिए आत्मा की गहरी लालसाओं के आह्वान के रूप में गूंजता है।