Meaning of

ज़िक्र-ए-इलाही

zikr-e-ilaahi • ذکر الہی

ईश्वर का स्मरण; दिव्य आह्वान

remembrance of God; divine invocation

خدا کا ذکر; الہی یاد

Arabic

ज़िक्र-ए-इलाही दिव्य स्मरण की आध्यात्मिक प्रथा को दर्शाता है, जो शांति और स्पष्टता लाने वाला ध्यानात्मक कार्य है। कविता में, यह शाश्वत और पवित्र के साथ गहरे संबंध का प्रतीक है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग आध्यात्मिकता और भक्ति के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर उन छंदों में प्रकट होता है जो सांत्वना की खोज करते हैं या दिव्य उपस्थिति की लालसा व्यक्त करते हैं।

ज़िक्र-ए-इलाही दिव्य तक पहुँचने का एक काव्यात्मक पुल है, आत्मा की अनंत की खोज की एक फुसफुसाहट।