Meaning of
ज़िक्र-ए-इरम
zikr-e-iram • ذکر ارم
Hindi
इरम का ज़िक्र; खोए हुए स्वर्ग का संदर्भ
English
mention of Iram; reference to a lost paradise
Urdu
ذکر ارم; کھوئے ہوئے جنت کا حوالہ
Origin
Arabic
Nuance
'ज़िक्र-ए-इरम' वाक्यांश इरम के पौराणिक शहर को याद दिलाता है, जिसे अक्सर खोए हुए स्वर्ग के रूप में वर्णित किया जाता है। यह एक आदर्श दुनिया की लालसा का प्रतीक है, एक ऐसा स्थान जो शाश्वत सुंदरता और शांति से भरा हुआ है, अब समय की धुंध में खो गया है।
Poetic Usage
कवि 'ज़िक्र-ए-इरम' का उपयोग एक आदर्श अतीत के लिए उदासीनता व्यक्त करने या एक आदर्श के नुकसान पर विलाप करने के लिए करते हैं। इसका उपयोग यूटोपिया के सपनों और उसकी अप्राप्यता के दर्द को जगाने के लिए किया जाता है।
Closing Insight
काव्यात्मक दुनिया में, 'ज़िक्र-ए-इरम' खोए हुए स्वर्ग के लिए मानव की शाश्वत खोज को पकड़ता है।