Meaning of

ज़िक्र-ए-नागवार

zikr-e-naagawar • ذکر ناگوار

अप्रिय उल्लेख; अवांछित स्मरण

unpleasant mention; unwelcome remembrance

ناگوار ذکر; ناپسندیدہ یاد

Persian

'ज़िक्र-ए-नागवार' उस असुविधा को दर्शाता है जो किसी अप्रिय या अवांछित चीज़ को याद करने से होती है। कविता में, यह अक्सर आंतरिक उथल-पुथल और उन यादों की भूतिया प्रकृति को दर्शाता है जिन्हें कोई भूलना चाहता है लेकिन भूल नहीं सकता।

कवि 'ज़िक्र-ए-नागवार' का उपयोग अवांछित यादों के दर्द को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह वर्तमान पर अतीत की पकड़ की याद दिलाता है, अक्सर आगे बढ़ने के संघर्ष को उजागर करता है।

'ज़िक्र-ए-नागवार' में कविता को उन यादों की गूंज मिलती है जो बनी रहती हैं, अतीत की स्थायी शक्ति का प्रमाण।