Meaning of
ज़िक्र-ए-रौनक़-ए-बाग़-ए-जहाँ
zikr-e-raunaq-e-baag-e-jahaan • ذکر رونق باغ جہاں
Hindi
बाग़ की शोभा का ज़िक्र; सुंदरता का उत्सव
English
mention of the garden's splendor; celebration of beauty
Urdu
باغ کی رونق کا ذکر; خوبصورتی کا جشن
Origin
Persian
Nuance
यह वाक्यांश हरे-भरे बाग़ों और उनकी सुंदरता की छवियाँ प्रस्तुत करता है। कविता में, यह अक्सर सुंदरता की क्षणभंगुर प्रकृति और उसकी सार को पकड़ने की इच्छा का प्रतीक होता है।
Poetic Usage
कवि 'ज़िक्र-ए-रौनक़-ए-बाग़-ए-जहाँ' का उपयोग प्रकृति की क्षणभंगुर सुंदरता को उजागर करने के लिए करते हैं। यह अस्थायी के बीच शाश्वत की लालसा को दर्शा सकता है।
Closing Insight
'ज़िक्र-ए-रौनक़-ए-बाग़-ए-जहाँ' में, कविता सुंदरता के क्षणभंगुर नृत्य का उत्सव पाती है।