Meaning of

ज़िक्र-ए-सुख़न

zikr-e-sukhan • ذکر سخن

कविता का उल्लेख; कविता पर चर्चा

mention of poetry; discourse on poetry

ذکر سخن; شاعری پر گفتگو

Persian

'ज़िक्र-ए-सुख़न' वाक्यांश कविता का उल्लेख या चर्चा करने के सार को पकड़ता है। यह कला रूप के प्रति श्रद्धा और प्रशंसा को उभारता है, अक्सर काव्यात्मक अभिव्यक्ति में निहित गहराई और सुंदरता को दर्शाने के लिए प्रयोग किया जाता है।

कवि 'ज़िक्र-ए-सुख़न' का उपयोग स्वयं कविता की दुनिया में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह काव्य परंपरा का उत्सव हो सकता है या शब्दों की शक्ति पर एक चिंतन। यह शब्द अक्सर एक प्रकार की पुरानी यादों और श्रद्धा का भाव रखता है।

काव्यात्मक क्षेत्र में, 'ज़िक्र-ए-सुख़न' कविता के शाश्वत आकर्षण को श्रद्धांजलि है। यह हमें प्रेरित करने और प्रेरित करने के लिए शब्दों की स्थायी शक्ति की याद दिलाता है।