Meaning of

ज़िक्र-ए-ज़ुल्फ़-ओ-लब-ओ-रुख़्सार

zikr-e-zulf-o-lab-o-rukh'saar • ذکر زلف و لب و رخسار

ज़ुल्फ़, होंठ और गाल का ज़िक्र

mention of hair, lips, and cheeks

زلف، لب اور رخسار کا ذکر

Persian

कविता की दुनिया में, यह वाक्यांश प्रिय की सुंदरता और आकर्षण को जगाता है। यह उन नाजुक और अंतरंग विवरणों को पकड़ता है जिन पर कवि अक्सर ध्यान देते हैं, आकर्षण और अनुग्रह की तस्वीर बनाते हैं। ज़ुल्फ़, होंठ और गाल की छवि प्रशंसा और लालसा व्यक्त करने के लिए एक कैनवास के रूप में कार्य करती है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग प्रिय की शारीरिक सुंदरता को उजागर करने के लिए करते हैं। यह गहरी स्नेह और प्रशंसा व्यक्त करने का एक तरीका है। यह वाक्यांश अतीत के प्रेम के लिए एक प्रकार की उदासी या लालसा भी जगा सकता है।

यह वाक्यांश रोमांटिक प्रशंसा के सार को पकड़ता है, जो कविता में एक शाश्वत विषय है।