Meaning of

ज़िक्र-ओ-मुनाजात

zikr-o-munaajat • ذکر و مناجات

स्मरण और प्रार्थना; विनती और दुआ

remembrance and supplication; invocation and prayer

یاد اور دعا; التجا اور دعا

Arabic

'ज़िक्र-ओ-मुनाजात' अपने मूल में आध्यात्मिक संबंध और भक्ति की भावना को जागृत करता है। 'ज़िक्र' का अर्थ है स्मरण, अक्सर दिव्य का, जबकि 'मुनाजात' एक फुसफुसाई हुई प्रार्थना या विनती को दर्शाता है। कविता में, यह संयोजन भावनात्मक परिदृश्य को गहराई देता है, आत्मनिरीक्षण और दिव्य के लिए लालसा को आमंत्रित करता है।

'ज़िक्र-ओ-मुनाजात' का उपयोग कवि अक्सर आध्यात्मिक पूर्ति की लालसा व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे एकांत और चिंतन के क्षणों में बुलाया जाता है। यह वाक्यांश सांसारिक चिंताओं के विपरीत हो सकता है, आंतरिक शांति की ओर यात्रा को उजागर करता है।

'ज़िक्र-ओ-मुनाजात' की शांति में, आत्मा का एक आश्रय मिलता है। यह सांसारिक और दिव्य के बीच एक पुल है।