Meaning of

ज़ोफ़-ए-इक़रार

zoof-e-iqraar • ضعف اقرار

स्वीकृति की कमजोरी; स्वीकार करने में दुर्बलता

weakness of confession; frailty in admitting

اقرار کی کمزوری; تسلیم کرنے میں ناتوانی

Arabic

‘ज़ोफ़-ए-इक़रार’ शब्द अपनी भावनाओं या दोषों को स्वीकार करने में निहित कमजोरी में गहराई से उतरता है। यह सच्चाइयों को प्रकट करने में झिझकने की मानव प्रवृत्ति को दर्शाता है, जो निर्णय या अस्वीकृति के डर से होता है।

कवि ‘ज़ोफ़-ए-इक़रार’ का उपयोग हृदय के आंतरिक संघर्षों का पता लगाने के लिए करते हैं। इसे अक्सर आत्मनिरीक्षण के क्षणों में दर्शाया जाता है, जहाँ ईमानदारी और भय के बीच का संघर्ष उजागर होता है।

काव्यात्मक परिदृश्य में, ‘ज़ोफ़-ए-इक़रार’ सत्य और संवेदनशीलता के बीच के नाजुक संतुलन को दर्शाने वाला एक दर्पण है।