Meaning of

ज़ुल्मत-ए-बातिल

zulmat-e-baatil • ظلمت باطل

असत्य का अंधकार; धोखे की छाया

darkness of falsehood; shadow of deceit

باطل کی ظلمت; فریب کا سایہ

Arabic

अपने मूल अर्थ में, 'ज़ुल्मत-ए-बातिल' एक व्यापक अंधकार की छवि प्रस्तुत करता है जो सत्य और स्पष्टता को ढक देता है। कविता में इस शब्द का उपयोग नैतिक अस्पष्टता और सत्य और धोखे के बीच संघर्ष के विषयों को उजागर करने के लिए किया गया है।

'ज़ुल्मत-ए-बातिल' का उपयोग कवि अक्सर सत्य के प्रकाश और धोखे के अंधकार के बीच विरोधाभास दिखाने के लिए करते हैं। यह असत्य के खिलाफ आंतरिक और बाहरी संघर्षों के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है। यह शब्द व्यापक धोखे के सामने निराशा की भावना को भी जागृत कर सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'ज़ुल्मत-ए-बातिल' प्रकाश और अंधकार के बीच अनंत संघर्ष का एक शक्तिशाली प्रतीक है। यह हमें छायाओं के बीच सत्य की खोज के लिए आवश्यक दृढ़ता की याद दिलाता है।