Meaning of

ज़ुल्मत-ए-दहर

zulmat-e-dehr • ظلمت دہر

दुनिया की अंधकार; सांसारिक उदासी

darkness of the world; worldly gloom

دنیا کی ظلمت; دنیاوی اداسی

Persian

ज़ुल्मत-ए-दहर उस व्यापक अंधकार की भावना को पकड़ता है जो दुनिया को घेर सकता है। यह शाब्दिक और रूपक दोनों छायाओं की बात करता है, एक ऐसी दुनिया का सुझाव देता है जो चुनौतियों और दुखों से भरी हुई है।

कवि ज़ुल्मत-ए-दहर का उपयोग अस्तित्वगत निराशा और भारी बाधाओं के खिलाफ मानव संघर्ष के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह आंतरिक अंधकार का भी प्रतीक हो सकता है जो बाहरी दुनिया को दर्शाता है।

कविता में ज़ुल्मत-ए-दहर दुनिया और आत्मा दोनों में बने रहने वाली छायाओं पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है। यह प्रकाश और अंधकार के परस्पर क्रिया पर एक ध्यान है।