Meaning of

ज़ुल्मत-ए-हिज्र

zulmat-e-hijr • ظلمت ہجر

वियोग की अंधकार; जुदाई का दुःख

darkness of separation; sorrow of parting

جدائی کی تاریکی; جدائی کا غم

Persian

यह शब्द उस गहरे अंधकार को दर्शाता है जो वियोग के क्षणों में आत्मा को घेर लेता है। कविता में, यह तड़प की गहराई और दिल पर अनुपस्थिति की छाया को पकड़ता है।

कवि अक्सर इस शब्द का उपयोग प्रियजन की अनुपस्थिति से उत्पन्न भावनात्मक शून्य को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह पुनर्मिलन के क्षणों के विपरीत है, प्रेम की खट्टे-मीठे स्वभाव को उजागर करता है।

कविता की दुनिया में, 'ज़ुल्मत-ए-हिज्र' प्रेम की छायाओं की एक मार्मिक याद दिलाता है। यह अंधकार के बीच दिल की दृढ़ता को व्यक्त करता है।