aur to kuchh nahin kiya main ne | और तो कुछ नहीं किया मैं ने

  - Safeer Ahmad

और तो कुछ नहीं किया मैं ने
ख़ुद को बर्बाद कर दिया मैं ने

तेरे ग़म में किया था चाक जिसे
वो गरेबाँ अभी सिया मैं ने

ठीक कुछ भी नहीं हुआ वर्ना
सब्र से काम भी लिया मैं ने

जाम-ए-मय तो कभी पिया ही नहीं
ज़हर ग़म का मगर पिया मैं ने

अब समझ आ रहा है मुझ को 'सफ़ीर''इश्क़ कर के गुनह किया मैं ने

  - Safeer Ahmad

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