ख़ुशी से बीते पलों की ख़ुशी उदास रखे
तुझे भी काश किसी की कमी उदास रखे
तेरे भी शे'र न पहुँचें तेरी मोहब्बत तक
तुझे भी मेरी तरह शाइरी उदास रखे
मिले ये ग़म भी न हो कोई मुंतज़िर तेरा
तमाम 'उम्र सफ़र की घड़ी उदास रखे
ये बद-दुआ है मोहब्बत हो तीन बार तुझे
कि दो मिलें ही न और तीसरी उदास रखे
तू दोस्ती से भी जाए अगर करे इज़हार
जो दोस्त बन के रहे दोस्ती उदास रखे
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