ये वही हाथ है जो थामे गए
    लब वही है ये जो थे चूमे गए

    दिल की बस्ती यही थी यारों जहाँ
    हम सर-ए-आम कभी लूटे गए
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    Rohan Hamirpuriya
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    शुक्रिया दोस्त तेरी बेवफ़ाई का
    अब निखरने लगी है शायरी मेरी
    Rohan Hamirpuriya
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    तुम बोलो क्या कर के दोगे
    कुछ लोगों ने ताज बनाया
    Rohan Hamirpuriya
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    आई नहीं रास तेरी मुहब्बत
    सौदा ये बन बैठा जंजाल मेरा
    Rohan Hamirpuriya
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    दावे से कहता हूँ मैं ये बात आप सबसे
    कोई नहीं है जिस पे उस सा जमाल होगा
    Rohan Hamirpuriya
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    तग़ाफ़ुल का गिला तुझसे करें तेरी ही महफ़िल में
    रक़ीबों को ख़बर तो हो कभी तुम भी हमारे थे
    Rohan Hamirpuriya
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    इक़रार कर के हर दफ़ा इंकार करता है
    है इल्तिजा मेरी कि हुनर ये सिखा मुझे
    Rohan Hamirpuriya
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    हाल-ए-दिल उनसे हमने कहा ही नहीं
    सिलसिला दरमियाँ जब रहा ही नहीं
    Rohan Hamirpuriya
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    आता न था ये लहजा जो बातों में है मेरी
    तहज़ीब है ये सीखी उर्दू की ही जबाँ से
    Rohan Hamirpuriya
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    ज़माने में निभाने को बहुत यूँ तो सहारे थे
    न शामिल ज़िक्र तेरा नाम जो मैंने पुकारे थे

    तिरे वादों की ख़ातिर महज़ तोड़े राब्ते सारे
    मोहब्बत के समंदर में न सोहबत के किनारे थे

    तग़ाफ़ुल का गिला तुझसे करें तेरी ही महफ़िल में
    रक़ीबों को ख़बर तो हो कभी तुम भी हमारे थे

    निभाने में क़सर बाक़ी न छोड़ी याद तो होगा
    मोहब्बत के जुनूँ में जो ख़म-ए-गेसू सँवारे थे
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    Rohan Hamirpuriya
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