अगर मिलती नहीं चाबी तो ताला टूट जाता है
    कभी मजबूरियों के हाथों रिश्ता टूट जाता है

    तुम्हारे दूर जाने से मैं ऐसे टूट जाता हूँ
    बिछड़ कर चाँद से जैसे सितारा टूट जाता है

    ख़ुदा-रा इश्क़ मत करना फ़क़त इतनी गुज़ारिश है
    दिल-ए-नादाँ मोहब्बत में हमेशा टूट जाता है

    दुआओं से नवाज़ा है मिरी माँ ने मुझे ऐसे
    भरा हो ज़हर प्याले में तो प्याला टूट जाता है

    बहुत कच्चा मकाँ है ये बडी़ कच्ची हैं दीवारें
    फ़क़त इक ईंट गिरने से घराना टूट जाता है

    इरादा जिसका पक्का हो वो पा लेता है मंज़िल को
    भटक जाता है वो जिसका इरादा टूट जाता है

    हमेशा जीतना नाज़िम भरोसे को भरोसे से
    भरोसा आज़माने में भरोसा टूट जाता है
    Read Full
    Najmu Ansari Nazim
    1 Like
    बधाई हो जन्मदिन की तुमको मिले जहाँ की तमाम ख़ुशियाँ
    ख़ुदा तुम्हें दे ये उम्र लम्बी हमारी तो बस यही दुआ है
    Najmu Ansari Nazim
    1 Like
    वो भोले बनकर हैं ऐसे बैठे के जैसे कोई ख़ता नहीं है
    गले लगा कर वो पूछते हैं यक़ीन क्या अब रहा नहीं है

    यक़ीन कर लो है कहना उसका मगर मैं कैसे यक़ीन कर लूँ
    थी सोई बाँहों में ग़ैर की वो उसे लगा कुछ पता नहीं है

    हज़ारों वादे किए थे उसने जुदा न होंगे वचन लिया था
    है बेवफ़ा वो भी सब के जैसी किसी से वो भी जुदा नहीं है

    वो तोड़ कर ख़ुश है दिल ये मेरा ख़ुदा से भी वो डरा नहीं है
    ख़ुदा उसे भी दे उसके जैसा वो कह रहा है ख़ुदा नहीं है

    तिरी तो क़िस्मत यही है नाज़िम कि रोते रहना है दर्द लेकर
    जो दर्द-ए-दिल को सुकून दे दे जहाँ में ऐसी दवा नहीं है
    Read Full
    Najmu Ansari Nazim
    1 Like
    मुफ़लिसी की ज़ात ने लज़्ज़त वो सारी छीन ली
    धान भी कच्चा ज़ुबाँ को ज़ाइक़ा देने लगा
    Najmu Ansari Nazim
    2 Likes
    तेरी यादों की दुनिया में जाने लगे
    आके बादल भी मुझको रुलाने लगे

    हम जो रोए तो बारिश भी होने लगी
    सब दुआ ये किसी की बताने लगे
    Read Full
    Najmu Ansari Nazim
    1 Like
    निशाना यार पे कब‌ से निगाहों से हूँ साधे मैं
    उठा ले वो नज़र तो मैं चलाऊँ तीर को अपने
    Najmu Ansari Nazim
    1 Like
    गुनहगार ऐसा तु वाहिद है नाज़िम
    कि जिसने जहाँ में है उसको रुलाया
    Najmu Ansari Nazim
    1 Like
    नाजि़म तमाम उम्र गु़ज़ारी शराब में
    ग़म के लिए शराब की बोतल है आज भी
    Najmu Ansari Nazim
    1 Like
    दिवाली ईद हो या कोई हो त्योहार फिर दूजा
    मनाओ साथ मिलकर सब रहो ख़ुशहाल भारत में
    Najmu Ansari Nazim
    1 Like
    सर को उठा के चलता‌ था ईमा पे अपने मैं
    काफ़िर जवानी यार गुनहगार कर गई
    Najmu Ansari Nazim
    1 Like

Top 10 of Similar Writers