बेचैन फिरता हूँ मैं अक्सर ख़्वाब में
    होती नहीं आबाद मेरी नींद भी
    Piyush Mishra 'Aab'
    2 Likes
    काम मुश्क़िल नहीं है ज़रा भी मगर
    दिल बड़ा चाहिए आशिक़ी के लिए
    Piyush Mishra 'Aab'
    3 Likes
    शाम थी हिज्र की हाल मत पूछना
    आँख थकने लगे तो जिगर रो पड़े
    Piyush Mishra 'Aab'
    0 Likes
    लग गई नौकरी, पर नहीं था पता
    बेच कर ख़्वाब, ख़र्चा चलेगा नहीं
    Piyush Mishra 'Aab'
    21 Likes
    मिलना मुक़द्दर में लिखा है जान लो
    है गोल ये दुनिया कहा करते हैं सब
    Piyush Mishra 'Aab'
    2 Likes
    तुझे देखना है हमें एक मुद्दत
    घड़ी दो घड़ी देख कर क्या करेंगे
    Piyush Mishra 'Aab'
    2 Likes
    ग़ैरों के सहारे का मोहताज नहीं हूँ मैं
    मुझको गिर कर उठने की आदत है यारों
    Piyush Mishra 'Aab'
    4 Likes
    सुबह की सुर्ख़ लाली में तुम्हारा नाम लिखता हूँ
    अमावस रात काली में तुम्हारा नाम लिखता हूँ

    तुम्हारा ही असर है सब यहाँ हर बाग़ है रौशन
    कली गुल और डाली में तुम्हारा नाम लिखता हूँ

    सुबह होती नहीं मेरी तुम्हें सोचूँ नहीं जब तक
    सुबह की चाय प्याली में तुम्हारा नाम लिखता हूँ

    सजाया है तुम्हें दुल्हन सरीखे ख़्वाब में अपने
    मैं नथ में और बाली में तुम्हारा नाम लिखता हूँ

    नहीं हूँ देखता यूँ तो तुम्हारे ख़्वाब मैं अक्सर
    मगर मैं बे-ख़याली में तुम्हारा नाम लिखता हूँ
    Read Full
    Piyush Mishra 'Aab'
    3 Likes
    काम के बाद भी चैन कैसा मुझे
    आ गयी नींद सपने सताने लगे
    Piyush Mishra 'Aab'
    5 Likes
    रात का है ये सबब कैसे बताएँ हम तुम्हें
    नींद आती है नहीं, बस लेट जाते हैं ज़रा
    Piyush Mishra 'Aab'
    11 Likes

Top 10 of Similar Writers