subah ki surkh laali men tumhaara naam likhta hooñ | सुब्ह की सुर्ख़ लाली में तुम्हारा नाम लिखता हूँ

  - Piyush Mishra 'Aab'

सुब्ह की सुर्ख़ लाली में तुम्हारा नाम लिखता हूँ
अमावस रात काली में तुम्हारा नाम लिखता हूँ

तुम्हारा ही असर है सब यहाँ हर बाग़ है रौशन
कली गुल और डाली में तुम्हारा नाम लिखता हूँ

सुब्ह होती नहीं मेरी तुम्हें सोचूँ नहीं जब तक
सुब्ह की चाय प्याली में तुम्हारा नाम लिखता हूँ

सजाया है तुम्हें दुल्हन सरीखे ख़्वाब में अपने
मैं नथ में और बाली में तुम्हारा नाम लिखता हूँ

नहीं हूँ देखता यूँँ तो तुम्हारे ख़्वाब मैं अक्सर
मगर मैं बे-ख़याली में तुम्हारा नाम लिखता हूँ

  - Piyush Mishra 'Aab'

Good night Shayari

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