क्या बैठ जाएँ आन के नज़दीक आप के बस रात काटनी है हमें आग ताप केकहिए तो आप को भी पहन कर मैं देख लूँमा'शूक़ यूँ तो हैं ही नहीं मेरी नाप के— Farhat Ehsaas