Piyush Mishra 'Aab'

Piyush Mishra 'Aab'

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Piyush Mishra 'Aab' shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Piyush Mishra 'Aab''s shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal

बात तो आपकी ठीक ही है मगर
मेरी आदत उदासी की जाती नहीं

Piyush Mishra 'Aab'

साल यूँ ही गुज़र रहे हैं अब
जनवरी क्या मियाँ दिसंबर क्या

Piyush Mishra 'Aab'

ख़ूब मन था कि बात हो अपनी
पर तेरा ये ग़ुरूर उफ़ चल हट

Piyush Mishra 'Aab'

लगाता फिर रहा है मुझ पे जो इल्ज़ाम तो ये सुन
यहीं आ कर मिटाएगा मेरे इल्ज़ाम तू सारे

Piyush Mishra 'Aab'

बेचैन फिरता हूँ मैं अक्सर ख़्वाब में
होती नहीं आबाद मेरी नींद भी

Piyush Mishra 'Aab'

काम मुश्क़िल नहीं है ज़रा भी मगर
दिल बड़ा चाहिए आशिक़ी के लिए

Piyush Mishra 'Aab'

शाम थी हिज्र की हाल मत पूछना
आँख थकने लगे तो जिगर रो पड़े

Piyush Mishra 'Aab'

कभी पैकर से ज़्यादा खींचना मत चादरें अपनी
दिखावे से कभी औकात को ऊँचा नहीं करना

Piyush Mishra 'Aab'

अभी से चल दिए उठ के, ज़रा सी बात क्या निकली
अभी तो आग लगनी है, तमाशा और भी होगा

Piyush Mishra 'Aab'

लग गई नौकरी, पर नहीं था पता
बेच कर ख़्वाब, ख़र्चा चलेगा नहीं

Piyush Mishra 'Aab'
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मिलना मुक़द्दर में लिखा है जान लो
है गोल ये दुनिया कहा करते हैं सब

Piyush Mishra 'Aab'

भागता हूँ रोज़ मैं बचने को इससे
ढूँढती है रोज़ मुझको ये उदासी

Piyush Mishra 'Aab'

तुझे देखना है हमें एक मुद्दत
घड़ी दो घड़ी देख कर क्या करेंगे

Piyush Mishra 'Aab'

ग़ैरों के सहारे का मोहताज नहीं हूँ मैं
मुझको गिर कर उठने की आदत है यारों

Piyush Mishra 'Aab'

कमाने लग गए हैं चार बेटे
मगर इक बाप भारी लग रहा है

Piyush Mishra 'Aab'

ख़राबों में रईसी की गली को छोड़ना अच्छा
गले की फांँस बन जाए तो रिश्ता तोड़ना अच्छा

नहीं अच्छा अगर तुम झोंक दो तूफ़ान में कश्ती
कभी हो छेद कश्ती में अगर तो मोड़ना अच्छा

Piyush Mishra 'Aab'

काम के बाद भी चैन कैसा मुझे
आ गयी नींद सपने सताने लगे

Piyush Mishra 'Aab'

रात का है ये सबब कैसे बताएँ हम तुम्हें
नींद आती है नहीं, बस लेट जाते हैं ज़रा

Piyush Mishra 'Aab'
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