meri zindagi men muhabbat nahin hai | मेरी ज़िन्दगी में मुहब्बत नहीं है

  - Piyush Mishra 'Aab'

मेरी ज़िन्दगी में मुहब्बत नहीं है
दुखों की मुझे और क़िल्लत नहीं है

ख़रीदूँ बड़े शौक़ से दोस्त सारे
मेरे पास इतनी भी दौलत नहीं है

ये कुछ दो दिनों से बड़ा ख़ुश रहा हूँ
तबीयत मेरी कुछ सलामत नहीं है

बड़ा ख़ूब मंज़र दिखा कर गया है
मुझे और कोई शिकायत नहीं है

किसी क़ब्र का तुम दिया मत बुझाना
मेरी और कुछ भी नसीहत नहीं है

इनायत मुहब्बत इबादत अदावत
ये सब ख़्वाब हैं कुछ हक़ीक़त नहीं है

ये क्या ‘आब’ तुम भी पड़े हो यहाँ पर
यहाँ पर तुम्हारी ज़रूरत नहीं है

  - Piyush Mishra 'Aab'

Charagh Shayari

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