दिलासा है मेरा ये वा'दा नहीं है
मेरा और कुछ भी इरादा नहीं है
ये महलों की दुनिया जो तुझ को दिखाए
तेरा यार वो शाहज़ादा नहीं है
सुकूँ भी रहे और दुनिया भी ख़ुश हो
अरे इश्क़ इतना भी सादा नहीं है
ग़नीमत है उस ने मेरा हाल पूछा
बहुत दर्द था अब ज़ियादा नहीं है
कि मरहम न दो तुम भरेगा नहीं ये
बड़ा ज़ख़्म है पर कुशादा नहीं है
— Piyush Mishra 'Aab'















