सही में अब हमें शायद किसी शमशान जाना था
सही में अब हमारा दर्द से रिश्ता पुराना था
हमें तो आपसे बस बात करने की रही कोशिश
अरे ये स्कूल की कॉपी किताबें सब बहाना था
मिले सच में मुझे बस यार अब तो सताने वाले
नहीं है पास कोई सब यहाँ है लोग जाने वाले
सुनो तुम बात फिर कह कर मुझे पागल चले जाना
बरस लो तुम मुझी पे फिर कहीं बादल चले जाना
नहीं है प्यार अब हमको फ़लाने से
न पड़ता फ़र्क़ उसके यार जाने से
रही है याद वो हमको हमेशा ही
नहीं भूले उसे हम तो भुलाने से
हमारी ज़िंदगी में वो न हो, चल ठीक है 'रौनक'
हमारे शक्ल पे तो यार ये मुस्कान है ना बस
न ख़ुद को नज़र में गिरा ही सके हम
न ख़ुद को कही पे बिठा ही सके हम
बिना दोस्ती के कटी उम्र सारी
न तो ज़ख़्म दिल के दिखा ही सके हम
रही आँख नम हर समय यार दिल की
न ख़ुद को नज़र में झुका ही सके हम
न हँसते हमें तो न होता यही ग़म
रहा जो कि सब को रुला ही सके हम
न थी शोर करने कि आदत हमें तब
न ही तब किसी आँख आ ही सके हम
गले से लगाया पनस को वही पर
जहाँ आबरू को लुटा ही सके हम
रही यार कोशिश यही हर समय बस
न ख़ुद को दिलों में बिठा ही सके हम