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Yogamber Agri
SHER
मैं ने चाहा तेरे जाने में न कुछ कमी रहे
कोन चाहे उम्र भर ही आँखों में नमी रहे
Yogamber Agri
10
SHER
मैं बीच में हूँ तेरे ग़म को छोडूं तो ये लगता है
कि पीछे मेरा शव है आगे मेरी ही मज़ार है
Yogamber Agri
9
SHER
साथ छोड़ा तुम ने तो क़ुसूर मेरा ही तो है
पेड़ सूख जाए तो परिंदे मिलते ही नहीं
Yogamber Agri
8
SHER
माँ के बनाई हाथों की खीर उस को दूँगा
मुफ़्लिस को तो कहाँ आता चॉकलेट देना
Yogamber Agri
7
SHER
तीन हफ़्तों तक मैं भी तो कहाँ से सोया था
तीन बार जब उस ने लव यूँ टू कहा मुझ को
Yogamber Agri
6
SHER
मैं काला टीका तेरी मुस्कान पर लगा लूँ
देखा है मैं ने इस पर लड़ते जहाँ को सारा
Yogamber Agri
5
SHER
बुरी तुम नहीं मैं बुरा इतना हूँ की
भुला भी नहीं पा रहा हूँ मैं तुम को
Yogamber Agri
4
SHER
बस दो क़दम की दूरी पे घर उस का ही है पर
उन रास्तों से अन बन हैं बहुत सी मेरी
Yogamber Agri
3
GHAZAL
मोहब्बत तो ख़ुदा का इक तराना है
इसे ता-उम्र सब ने गुन गुनाना है
Yogamber Agri
2
SHER
उठ के जिया अज़ाब जब यूँँ सीने पे मैं ने देखा
मेरा दिया गुलाब जब उस ने मेरे मुँह पे मारा
Yogamber Agri
1
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