Yogamber Agri

Yogamber Agri

@YogamberAgri

Yogamber Agri shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Yogamber Agri's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

1

Content

58

Likes

172

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal

हाथों में दिल लिए हम परेशान हैं
और वो कह रही है कि कैसे हो तुम

Yogamber Agri

जान जिसमें न सस्ती हो वो इश्क़ क्या
इश्क़ में ख़ुदकुशी करना भी इश्क़ है

Yogamber Agri

मैंने चाहा तेरे जाने में न कुछ कमी रहे
कोन चाहे उम्र भर ही आँखों में नमी रहे

Yogamber Agri

मैं बीच में हूँ तेरे ग़म को छोडूं तो ये लगता है
कि पीछे मेरा शव है आगे मेरी ही मज़ार है

Yogamber Agri

साथ छोड़ा तुम ने तो क़ुसूर मेरा ही तो है
पेड़ सूख जाए तो परिंदे मिलते ही नहीं

Yogamber Agri

भटक जाते हैं नफ़रत करने वाले रस्ता सो तुझ को
जो रस्ते में मिले उस से मोहब्बत तू भी करता चल

Yogamber Agri

मैं फूल तो तुमको दूँगा तुम नहीं देना बस
मिल जाए जो दिल मेरा दिल में तो उसे देना

Yogamber Agri

होठों से उस के और तो क्या चाहें सुनना हम
कह दे वो बस मैं तुम से बहुत प्यार करती हूँ

Yogamber Agri

हैं इतने उम्दा होंठ हिस्से क्यों हमारे होंगे ये
उसे पता था चॉकलेट इनको ही बनाई है

Yogamber Agri

किया था उसने वादा उसको याद आ नहीं रहा
तो हम ने अपना इंतिज़ार ही तवील कर दिया

Yogamber Agri

माँ के बनाई हाथों की खीर उसको दूँगा
मुफ़्लिस को तो कहाँ आता चॉकलेट देना

Yogamber Agri

तीन हफ़्तों तक मैं भी तो कहाँ से सोया था
तीन बार जब उसने लव यू टू कहा मुझ को

Yogamber Agri

तुम धूप हो मेरी मैं पौधा तेरे बिन यानी
बिन धूप के फोटोसिंथेसिस का नहीं होना

Yogamber Agri

मैं काला टीका तेरी मुस्कान पर लगा लूँ
देखा है मैंने इस पर लड़ते जहाँ को सारा

Yogamber Agri

तुम्हें मिल करेगा ही तुम से मोहब्बत
तो होगी नहीं उसको ख़ुम से मोहब्बत

तो तुम क्यों किसी से करोगी मोहब्बत
मोहब्बत भी कर लेगी तुम से मोहब्बत

Yogamber Agri

उस की बेवफ़ाई मुझ को समझ में आई जब
मैं ने ख़ुद को उसकी हालत पे रख के ये सोचा

Yogamber Agri

हाथ नीचे करता हूँ मैं तुम अगर कह दो हवा से
कान के पीछे से ज़ुल्फ़ें तेरे चेहरे पर न लाए

Yogamber Agri

अब किसी का ख़ूबसूरत चेहरा देखूँ मैं अगर तो
सोचता हूँ कितना उसका हिज्र प्यारा उम्दा होगा

Yogamber Agri

मुझ को उस से लड़ना या जीतना नहीं है बस
है वो साथ मेरे ये जीत काफ़ी है मुझ को

Yogamber Agri

इल्म था हम को हमारा बॉन्ड टूटेगा ही इक दिन
उस को अक्सर कार्बन का बॉन्ड आता था बनाना

Yogamber Agri

LOAD MORE