Zain Aalamgir

Top 10 of Zain Aalamgir

    'कुन' तलक आ यहाँ रुकेगा सब
    ना तिरा कुछ रहे, न मेरा कुछ
    Zain Aalamgir
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    ऐ दोस्त! इतना प्यार मुझसे मत करो
    हम रफ़्तगाँ हैं, दोस्त किसके तो बनो
    Zain Aalamgir
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    ख़ुद फ़लक से हो उतारा नैन तेरे
    जो ख़ुदा ने हो सँवारा नैन तेरे

    वादियाँ कितनी हसीं के जन्नती दिख
    हम-नशीं ऐसा नज़ारा नैन तेरे

    ख़्वाइशें होती मुकम्मल, तो समझ लो
    आसमाँ का गिर सितारा, नैन तेरे

    मुफ़्लिसी छाई, पता दो तुम ख़ुदा का
    जो नहीं मिल, फ़िर सहारा नैन तेरे

    प्यास है कबसे लगी मुझको, मिटा दे
    इक समंदर का किनारा, नैन तेरे

    चैन मिलता है कहाँ, कोई बताए
    पास है जिसने पुकारा, नैन तेरे

    के ख़बर हमको हमारी भी नहीं है
    हाल पूछे जो हमारा, नैन तेरे

    मय-कशी से अब मिरी हालत बुरी है
    दे बुलाने का इशारा नैन तेरे

    लुट चुके है हम, बचा कुछ भी नहीं है
    कर दिया किसने ख़सारा? नैन तेरे

    राइगाँ सब कुछ यहाँ, हर चीज़ छोड़ा
    बस नहीं था जो नकारा, नैन तेरे

    ज़िंदगी का राज़ बस इतना कहेंगे
    यार जीने का गुज़ारा नैन तेरे
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    Zain Aalamgir
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    सब याद रहता है मुझे
    ये ज़ुल्म भी तारी यहाँ
    Zain Aalamgir
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    रख हाथ सीने पर किया तस्दीक़, फ़िर आया समझ
    ये दिल धड़कता अब तलक, मर ना गया दीदार कर
    Zain Aalamgir
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    सच बात है, इज़हार हमने इश्क़ का उनसे किया
    दीवार से उम्मीद है, वो बात हमसे कर सके
    Zain Aalamgir
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    सादगी मुझमें नहीं, इंसान मैं भी हूँ हरामी
    हाथ हो तेरा मिलाना झूठ, फ़र्ज़ी हो मिरा भी
    Zain Aalamgir
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    हुस्न-ए-क़यामत रही तारी, दिखा फिर मो'जिज़ा जब
    था गुलिस्ताँ नापसंद, हो इश्क़ सहरा से गया तब
    Zain Aalamgir
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    कागज़ी ये कश्तियाँ डूबे न देखो
    बचपना इन पर सवारी कर दिखे है
    Zain Aalamgir
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    जाकर निहत्ता जंग में भी ये क़लम
    जीते रियासत कर सियाही को सुख़न
    Zain Aalamgir
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