Asim Wasti

Asim Wasti

@asim-wasti

Asim Wasti shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Asim Wasti's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

तुम इस रस्ते में क्यूँ बारूद बोए जा रहे हो किसी दिन इस तरफ़ से ख़ुद गुज़रना पड़ गया तो — Asim Wasti
मिरी ज़बान के मौसम बदलते रहते हैं मैं आदमी हूँ मिरा ए'तिबार मत करना — Asim Wasti
अब यही सोचते रहते हैं बिछड़ कर तुझ से शायद ऐसे नहीं होता अगर ऐसा करते — Asim Wasti

Ghazal

अगर चुभती हुई बातों से डरना पड़ गया तो मोहब्बत से कभी तुमको मुकरना पड़ गया तो तेरी बिखरी हुई दुनिया समेटे जा रहा हूँ अगर मुझ को किसी दिन ख़ुद बिखरना पड़ गया तो ज़ख़ीरा पुश्त पर बाँधा नहीं तुम ने हवा का कहीं गहरे समुंदर में उतरना पड़ गया तो वो मुझ से दूर होता जा रहा है रफ़्ता रफ़्ता अगर उस को कभी महसूस करना पड़ गया तो तुम इस रस्ते में क्यूँ बारूद बोए जा रहे हो किसी दिन इस तरफ़ से ख़ुद गुज़रना पड़ गया तो बना रक्खा है मंसूबा कई बरसों का तू ने अगर इक दिन अचानक तुझ को मरना पड़ गया तो तुम्हारी ज़िद है 'आसिम' वो निखारे हुस्न अपना अगर उस के लिए तुम को सँवरना पड़ गया तो — Asim Wasti
कुछ इस लिए मुझे लुटने का डर ज़ियादा है ज़रा सी है मेरी दीवार दर ज़ियादा है ये रास्ता तो मेरा साथ दे नहीं सकता मैं जानता हूँ कि मेरा सफ़र ज़ियादा है अजब 'इलाज किया है मेरे मसीहा ने मेरे मरज़ से दवा का असर ज़ियादा है मैं बोलता था कि मुझ को नहीं था कुछ मा'लूम मैं चुप हुआ हूँ कि मुझ को ख़बर ज़ियादा है मैं देखने की हदों से निकल के देखता हूँ मेरी निगाह से मेरी नज़र ज़ियादा है मैं रख सका न तवाज़ुन उड़ान में क़ाएम मेरे परों में कहीं एक पर ज़ियादा है ख़ुदा करे कि हमेशा मुझे गुमान रहे कि मेरे पास ज़रूरत से ज़र ज़ियादा है मेरे वतन का यही मसअला रहा 'आसिम' यहाँ दिमाग़ है कम और सर ज़ियादा है — Asim Wasti