कुछ इस लिए मुझे लुटने का डर ज़ियादा है
ज़रा सी है मेरी दीवार दर ज़ियादा है
ये रास्ता तो मेरा साथ दे नहीं सकता
मैं जानता हूँ कि मेरा सफ़र ज़ियादा है
''अजब 'इलाज किया है मेरे मसीहा ने
मेरे मरज़ से दवा का असर ज़ियादा है
मैं बोलता था कि मुझ को नहीं था कुछ मा'लूम
मैं चुप हुआ हूँ कि मुझ को ख़बर ज़ियादा है
मैं देखने की हदों से निकल के देखता हूँ
मेरी निगाह से मेरी नज़र ज़ियादा है
मैं रख सका न तवाज़ुन उड़ान में क़ाएम
मेरे परों में कहीं एक पर ज़ियादा है
ख़ुदा करे कि हमेशा मुझे गुमान रहे
कि मेरे पास ज़रूरत से ज़र ज़ियादा है
मेरे वतन का यही मसअला रहा 'आसिम'
यहाँ दिमाग़ है कम और सर ज़ियादा है
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