Ambar

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@ambar

Ambar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ambar's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
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Sher

मैं ने जब से अपना होश सँभाला है दुख रंजिश तकलीफ़ में ख़ुद को पाला है — Ambar
देखने लाइक़ और भी चीज़ें थी मुझ में लेकिन उस ने बस मेरा ग़ुस्सा देखा — Ambar
बात ये जा के उस को समझाऊँ कैसे नफ़रत करना नफ़रत होना एक नहीं — Ambar
बिना डरे बस यूँँ ही लड़ती रहना तुम तुम को रानी हर झगड़े में जीत मिले — Ambar
कोई काम मुकम्मल हम से क्या होगा हम ने सारे ख़्वाब अधूरे देखे हैं — Ambar
एक झलक पाने को जो दिन रात मरे उस का मन भर जाए कैसे संभव है — Ambar
जब भी कोई सच्चा आशिक़ रोता है सच कहता हूँ याद तुम्हारी आती है — Ambar
तोहफ़ा एक अनोखा पाया जीवन भर का धोखा पाया — Ambar
मोहब्बत भी क्या फिर मोहब्बत हुई जहाँ दिल की बातें बतानी पड़े — Ambar
एक शिकायत मुझे हमेशा रहती है उस को मेरा प्यार नज़र क्यूँ आया नहीं — Ambar
ज़रा सी अपनी बात नहीं मिलने पे तुम यूँँ रूठे हो जैसे उलफ़त थी ही नहीं — Ambar
अगर आए हमारी याद तुम को किसी की ख़ामियों में ढूँड लेना — Ambar
दोस्ती तो कर हैं लेते सब मगर दोस्तों की सुनता है कोई कोई — Ambar
मैं ने चारों ओर घुमा के सर देखा मेरे जैसा लल्लू-पंजू कोई नहीं — Ambar
आज दुआ में आँसू से मैं ने तन्हाई माँगी — Ambar
तुम ही मेरी हर ख़ुशियों का कारण हो तुम्हारे बिन कैसे ख़ुश हो सकता हूँ मैं — Ambar
तुम थे तुम हो तुम ही रहोगे कितनी बार बताना होगा — Ambar
मुझे बस तुम्हारी ख़ुशी चाहिए तुम्हारी ख़ुशी चाहे जिस में भी हो — Ambar

Ghazal

Nazm

तुम इक दिन भूल जाओगे हँसाओगे रुलाओगे तुम इक दिन भूल जाओगे हक़ीक़त जानता हूँ मैं तुम इक दिन भूल जाओगे दिखाओगे मुझे सपने ख़ुशी की वादियों वाले जज़ीरों में कहीं तन्हा मुझे तुम छोड़ आओगे हक़ीक़त जानता हूँ मैं तुम इक दिन भूल जाओगे तुम्हें ना देख कर कितनी तड़पती हैं मेरी आँखें तुम्हें खो देने के डर से ये जागी हैं कई रातें उदासी छाई रहती है दिल-ए-बे-ताब में जितनी मुझे लगता नहीं है ये कि तुम भी छटपटाओगे हक़ीक़त जानता हूँ मैं तुम इक दिन भूल जाओगे मुहब्बत कितनी है दिल में यक़ीनन कह न पाऊँगा मगर इतना यक़ीं तो है कि तुम बिन रह न पाऊँगा बड़े वादे किए तुम ने रहूँगा साथ मैं हमदम हक़ीक़त जानता हूँ मैं तुम इक दिन भूल जाओगे हँसाओगे रुलाओगे तुम इक दिन भूल जाओगे हक़ीक़त जानता हूँ मैं तुम इक दिन भूल जाओगे — Ambar