ये दूरी मिटाने को जी चाहता है
तुम्हें फिर से पाने को जी चाहता है
तुम्हें फिर से पाने को जी चाहता है
मुझे बद-नसीबी इजाज़त अगर दे
मेरा मुस्कुराने को जी चाहता है
मेरे मन में जो है अगर सच कहूँ तो
गले से लगाने को जी चाहता है
बहुत हैं सताने को पर इस तरह से
तुम्हें ही सताने को जी चाहता है
बिज़ी ज़िंदगी में तेरे साथ तन्हा
समय कुछ बिताने को जी चाहता है
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नींद से तुझ को जगाने आया हूँ
आज सारे दुख सुनाने आया हूँ
Read Fullआज सारे दुख सुनाने आया हूँ
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हमेशा यही भूल करता रहा
तेरा साथ पाने को मरता रहा
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छुपाये भी नहीं छुपती महक जिस की वो तुम ही हो
ज़माने में अगर कोई हुई तुझ सी वो तुम ही हो
ज़माने में अगर कोई हुई तुझ सी वो तुम ही हो
फ़लक से अलविदा ले के क़मर आया है धरती पे
नशीली सी क़यामत सी तिलिस्मी सी वो तुम ही हो
दिखा जो चाँद जाता दूर रोया आसमाँ भी था
सितारों ने भी माँगी थी दुआ जिस की वो तुम ही हो
तुम्हें देखा है हर लम्हा ख़ुशी से नाचते गाते
उदासी जिस के चहरे पे नहीं जचती वो तुम ही हो
इशारों में सही पर बात होनी चाहिए जिस से
न इक पल की सही जाए ज़रा दूरी वो तुम ही हो
अकेले जब कभी बैठा हूँ तेरी याद आने पर
लगाए आग ठंडक की जो शीतल सी वो तुम ही हो
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