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Top 10 of
Kabiir
SHER
हर सम्त ख़ुशबू की तरह वो बहता है
वो सिर्फ़ मेरा है मुझे जो कहता है
Kabiir
10
GHAZAL
किसी गोशे में आब-ए-चश्म जा कर के बहाता हूँ
इसी इक ही अदा से दर्द मैं अपना छुपाता हूँ
Kabiir
9
SHER
ज़ुल्म इक ख़ुद पे किए मैं जा रहा हूँ
यूँँ-ही बे-मक़्सद जिए मैं जा रहा हूँ
Kabiir
8
SHER
ख़ुद ही से अक्सर तसव्वुर में मैं बातें करता हूँ
इस तरह मैं अपनी ज़ाए सारी रातें करता हूँ
Kabiir
7
SHER
बराबर मक़बरे के दफ़्न हो कर क्या भला होगा
कि उस से सामना जब रोज़-ए-महशर ही तिरा होगा
Kabiir
6
SHER
ज़िंदगी को अपनी यूँँ अज़ाब कर के देखा है
मैं ने इश्क़ उस से बे-हिसाब कर के देखा है
Kabiir
5
SHER
था रंगरेज़ी पे तकब्बुर अब्र को अपनी बड़ा
महबूब से मेरे मिला तो पानी-पानी हो गया
Kabiir
4
SHER
क्या ज़रूरत नाज़नीं को ख़ंजरों की
जब 'अता अब्सार दो, रब ने किए हैं
Kabiir
3
SHER
इन लबों के तो गुनाहों की सज़ा मुझ को दे दी है
उन सितम का क्या जो हम पे तेरी नज़रों ने किए हैं
Kabiir
2
SHER
ज़िंदगी मिरी मुल्हिद की तरह बसर यूँँ है
हश्र में मिरा तुझ से सामना न हो या रब
Kabiir
1
Ali Mohammed Shaikh
Rachit Sonkar
Manish
Nirvesh Navodayan
Nainsee Gupta 'Nayantara'
Krishnakant Kabk
Lalit Pandey
Das Kanpuri
Shaad Imran
Divya 'Kumar Sahab'
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