@Poetkabiir
Kabiir shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Kabiir's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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समझ अफ़ज़ल उसे ख़ुद को गिरा ये मान लेते हैं
चुने हैं ख़ुद जिसे ख़ुद से जुदा ये मान लेते हैं
ज़रा तुम सादगी इस मुल्क के लोगों की तो देखो
यहाँ कुर्सी पे कोई हो ख़ुदा ये मान लेते हैं
ज़ुल्म इक ख़ुद पे किए मैं जा रहा हूँ
यूँ-ही बे-मक़्सद जिए मैं जा रहा हूँ
बन गई हैं ज़िंदगी इक ज़हर मेरी
और उस को भी पिए मैं जा रहा हूँ
ख़ुद ही से अक्सर तसव्वुर में मैं बातें करता हूॅं
इस तरह मैं अपनी ज़ाए सारी रातें करता हूॅं
ज़िंदगी को अपनी यूँ अज़ाब कर के देखा है
मैंने इश्क़ उस से बे-हिसाब कर के देखा है
इल्म था मुझे फ़रेब-कार है वो शख़्स पर
मैंने फिर भी उसका इंतिख़ाब कर के देखा है
इन लबों के तो गुनाहों की सज़ा मुझ को दे दी है
उन सितम का क्या जो हम पे तेरी नज़रों ने किए हैं