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@qaisar-ul-jafri
Qaisar-ul-Jafri shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Qaisar-ul-Jafri's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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तू इस तरह से मिरे साथ बेवफ़ाई करकि तेरे बाद मुझे कोई बेवफ़ा न लगे
घर लौट के रोएँगे माँ बाप अकेले मेंमिट्टी के खिलौने भी सस्ते न थे मेले में
दीवारों से मिल कर रोना अच्छा लगता है हम भी पागल हो जाएँगे ऐसा लगता है
ज़िंदगी भर के लिए रूठ के जाने वाले मैं अभी तक तिरी तस्वीर लिए बैठा हूँ
शब की हवा से हार गई मेरे दिल की आग यख़-बस्ता शहर में कोई रद्द-ओ-बदल न था
हवा ख़फ़ा थी मगर इतनी संग-दिल भी न थी हमीं को शमा जलाने का हौसला न हुआ
तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगेमैं एक शाम चुरा लूँ अगर बुरा न लगे